पाली महोत्सव 2026 का ऐतिहासिक समापन: कनिका कपूर के सुरों और अनुज शर्मा की भक्ति से सराबोर हुई पाली की धरा,,
कोरबा | 16 फरवरी 2026 छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और आधुनिक संगीत के अद्भुत संगम के साथ दो दिवसीय ‘पाली महोत्सव 2026’ का भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में छत्तीसगढ़ी लोक कला की खुशबू और बॉलीवुड के ग्लैमर का ऐसा तड़का लगा कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। स्थानीय प्रशासन के सफल आयोजन ने इस वर्ष महोत्सव को नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया।
बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर ने बिखेरा जलवा,,
महोत्सव की अंतिम शाम बॉलीवुड की मशहूर गायिका कनिका कपूर के नाम रही। उन्होंने मंच पर आते ही अपनी सुरीली आवाज और जबरदस्त ‘स्टेज प्रेजेंस’ से समां बांध दिया। कनिका ने अपने सुपरहिट गानों— ‘काला चश्मा’, ‘चिट्टियां कलाइयां’, ‘नखरा तीखी तलवार वरगा’ और ‘ब्राउन मुंडे’ जैसे गीतों की झड़ी लगा दी। उनके हाई-वोल्टेज परफॉर्मेंस पर युवा दर्शक देर रात तक झूमते रहे
छालीवुड सुपरस्टार्स का जादू: अनुज शर्मा और दीपक साह* अनुज शर्मा की भक्तिमय प्रस्तुति:
छत्तीसगढ़ी फिल्मों के सुपरस्टार पद्मश्री अनुज शर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत ‘राम सिया राम’ और ‘आरुग दिया ला जलाए’ जैसे भक्ति गीतों से की। उन्होंने अपनी कालजयी फिल्मों ‘तोर मईके छूट जाही’, ‘छुइंया भुइयां’ और ‘झन भूलो मां बाप ला’ के गीतों से दर्शकों को भावुक और उत्साहित कर दिया।
* दीपक साहू का डांस धमाका: छालीवुड के उभरते सितारे दीपक साहू ने अपने ऊर्जावान नृत्य से मंच पर आग लगा दी। ‘मोहिनी खवा के जिया ला चुराए रे’ जैसे गीतों पर उनकी प्रस्तुति और शानदार ‘एक्सप्रेशंस’ ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
शास्त्रीय संगीत की मधुर लहरियाँ
महोत्सव में केवल शोर-शराबा ही नहीं, बल्कि शास्त्रीय संगीत की गहराई भी देखने को मिली:
* प्रो. डॉ. लवली शर्मा: खैरागढ़ विश्वविद्यालय की कुलपति एवं प्रख्यात सितार वादक ने ‘राग सरस्वती’ की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा पंडाल शास्त्रीय संगीत के आनंद में डूब गया।
* डॉ. विपुल राय: विख्यात संतूर वादक डॉ. विपुल राय की उंगलियों ने जब संतूर के तारों को छेड़ा, तो उसकी मधुर धुनों ने श्रोताओं को आत्मविभोर कर दिया।
स्थानीय प्रतिभाओं ने जीता दिल
स्थानीय कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति की जीवंतता को बखूबी प्रदर्शित किया:
* सोनू भाठिया एंड ग्रुप ने जसगीत के जरिए भक्ति का माहौल बनाया।
* धारा सोनवानी ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक ‘भाजी’ और भोजन संस्कृति पर आधारित गीतों से सबको अपनी जड़ों की याद दिलाई।
* थिरमन दास ने छत्तीसगढ़ महतारी की वंदना की, जबकि राहुल ठाकुर बैंड ने सूफी संगीत का जादू चलाया।
* स्कूली बच्चों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और ज्योति बोहिदार के कत्थक नृत्य ने महोत्सव की गरिमा बढ़ाई।
प्रशासन का आभार और विदाई
समापन के अवसर पर सभी कलाकारों ने शानदार व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन और कलेक्टर का आभार व्यक्त किया। कलाकारों ने पाली की जनता से मिले असीम प्रेम को ‘अविस्मरणीय’ बताया।
> मुख्य आकर्षण: छत्तीसगढ़ी लोकगीत, बॉलीवुड पॉप, शास्त्रीय वादन और सूफी संगीत का एक ही मंच पर प्रदर्शन।

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