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छ,ग कोरबा जिले के पोड़ीउपरोड़ा ब्लॉक के रानीअटारी कोल माइंस क्षेत्र में इन दिनों भारी उथल-पुथल मची हुई है। एक तरफ जहाँ रुंगटा कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है, वहीं दूसरी तरफ आसमान में हो रहे रहस्यमयी हवाई सर्वे ने इलाके में खलबली मचा दी है।

छ,ग कोरबा जिले के पोड़ीउपरोड़ा ब्लॉक के रानीअटारी कोल माइंस क्षेत्र में इन दिनों भारी उथल-पुथल मची हुई है। एक तरफ जहाँ रुंगटा कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है, वहीं दूसरी तरफ आसमान में हो रहे रहस्यमयी हवाई सर्वे ने इलाके में खलबली मचा दी है।

यहाँ इस पूरे घटनाक्रम का विस्तृत विवरण दिया गया है:

कोरबा में भारी हलचल: रुंगटा कंपनी के खिलाफ जलके सरपंच का विरोध और जंगलों में रहस्यमयी हवाई सर्वे,

1. रुंगटा कंपनी के खिलाफ गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का मोर्चा
बीते एक सप्ताह से पोड़ी उपरोड़ा के बिजाडांड क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) के नेतृत्व में ग्रामीण रुंगटा कंपनी के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
* विवाद की जड़: आंदोलनकारियों का आरोप है कि ग्राम पंचायत सेन्हा और जलके के सरपंचों ने ग्रामीणों को विश्वास में लिए बिना ही रुंगटा कंपनी के पक्ष में खनन का प्रस्ताव दे दिया है।
* सरपंच को हटाने की मांग: इस ‘विश्वासघात’ से नाराज ग्रामीणों ने ग्राम जलके में एक विशाल रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि संबंधित सरपंच को तुरंत उनके पद से हटाया जाए क्योंकि उन्होंने जनभावनाओं के विपरीत जाकर कंपनी का साथ दिया है।

2. आसमान से ‘गुप्त’ निगरानी: चार दिनों से जारी हवाई सर्वे
जमीनी विरोध के बीच, कोरबा के रानी अटारी और विजय वेस्ट कोल माइंस क्षेत्र के आसमान में हो रही गतिविधियों ने सबको चौंका दिया है। पिछले चार दिनों से घने जंगलों के ऊपर हवाई सर्वेक्षण किया जा रहा है।

 सर्वे का दायरा: यह सर्वे कोसाई पर्वत से लेकर पसान क्षेत्र तक फैला हुआ है।
दुर्लभ खनिजों की तलाश: अपुष्ट सूत्रों के अनुसार, इस क्षेत्र में यूरेनियम, कॉपर और अन्य दुर्लभ खनिजों की मौजूदगी की संभावना है, जिसकी जांच आधुनिक तकनीक से की जा रही है।
रेलवे लाइन का कनेक्शन: एक चर्चा यह भी है कि पेंड्रा रोड से दीपका तक प्रस्तावित नई रेलवे लाइन के लिए बीजा डांड, पुटी पखना, अडसरा और सिंदूरगढ़ जैसे संवेदनशील जंगलों का गुप्त सर्वे किया जा रहा है।
3. ग्रामीणों में बढ़ता डर और प्रशासन की चुप्पी
हवाई सर्वे को लेकर स्थानीय प्रशासन या खनिज विभाग ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। इस गोपनीयता ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
> “हमें डर है कि यह सर्वे हमारी जमीनों को छीनने और नए खनन प्रोजेक्ट्स थोपने की तैयारी है। बिना बताए हमारे जंगलों के ऊपर चक्कर काटते विमान और हेलीकॉप्टर संदेह पैदा कर रहे हैं।” — स्थानीय ग्रामीण इस निष्कर्ष और वर्तमान स्थिति
कोरबा, जिसे छत्तीसगढ़ की ‘ऊर्जाधानी’ कहा जाता है, एक बार फिर आर्थिक विकास और जन-असंतोष के बीच खड़ा है। यदि यहाँ दुर्लभ खनिजों की पुष्टि होती है, तो यह देश के लिए बड़ी उपलब्धि होगी, लेकिन फिलहाल रुंगटा कंपनी का विरोध और हवाई सर्वे की टाइमिंग ने क्षेत्र में अशांति पैदा कर दी है।

विनोद जायसवाल
विनोद जायसवाल
जन जन की आवाज़

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