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CG : आकांक्षी जिला कोरबा में रेडी टू ईट समूह चयन में भ्रष्टाचार मामले में कमिश्नर न्यायालय से निकली न्याय ,इस समूह की चालाकी से पात्र समूह हो गया था अपात्र,सुलगते सवाल क्या नपेंगे जिम्मेदार !देखें आदेश,,

CG : आकांक्षी जिला कोरबा में रेडी टू ईट समूह चयन में भ्रष्टाचार मामले में कमिश्नर न्यायालय से निकली न्याय ,इस समूह की चालाकी से पात्र समूह हो गया था अपात्र,सुलगते सवाल क्या नपेंगे जिम्मेदार !देखें आदेश,,

0 संतोषी स्व सहायता समूह मलगांव का दावा हुआ स्वीकार , जल्द जारी होंगे पृथक से नियुक्ति आदेश ,जय दुर्गा महिला स्व सहायता समूह ने चयन के लिए निर्णायक 4 अंक पाने बाहरी स्रोत्रों से खाते में डलवाई थी 20 लाख की राशि ,पुष्टिकरण के बाद हुई कार्रवाई …

हसदेव एक्सप्रेस न्यूज कोरबा । आकांक्षी जिला कोरबा में सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण आहार 2.0 पूरक पोषण आहार व्यवस्था अंतर्गत रेडी टू ईट ,फोर्टीफाइड आटा आपूर्ति का कार्य परियोजना स्तर पर चयनित स्व महिला सहायता समूहों को दिए जाने के कार्य में संचालन शुरू होने से पूर्व ही अनियमितता एवं नियमों की अनदेखी के मामले एक के बाद एक उजागर हो रहे । कटघोरा परियोजना के लिए आवेदनकर्ता पात्र समूह को अपात्र ठहराए जाने के मामले में कमिश्नर कोर्ट से सम्बंधित समूह को आखिरकार न्याय मिल गई है। समूह के बैंक खाते में परियोजना के उत्पादन हेतु बाहरी स्रोत्रों के जरिए 20 लाख की राशि डलवाकर 4 निर्णायक अंक नियम विरुद्ध हासिल कर चयनित हुए समूह को आखिरकार परीक्षण उपरांत अपात्र पाए जाने पर संचालन से पृथक कर बाहर का रास्ता दिखा गया। अपात्र ठहराए गया समूह चयन के लिए पात्र पाया गया है ,जिसके लिए विभाग को पृथक से नियुक्ति आदेश जारी करना होगा। वहीं इस गंभीर मामले के खुलासे के बाद एक बार फिर रेडी टू ईट समूह चयन को लेकर कोरबा जिला पूरे प्रदेश में सुर्खियों में आ गया है।

 

यहाँ बताना होगा इसी माह 1 जनवरी 2026 को संभागायुक्त कार्यालय में कटघोरा परियोजना के लिए पात्रता के बावजूद अपात्र किए गए आवेदनकर्ता संतोषी स्व सहायता समूह मलगांव ने अपात्र समूह महिला स्व सहायता समूह मुढ़ाली का चयन करने दिए गए शिकायत पत्र के बावजूद चयन समिति पर कमिश्नर कोर्ट के आदेश की अनदेखी कर अपात्र समूह से कार्य कराने मनमानी का आरोप लगा ध्यानाकर्षण पत्र सौंपा था। इससे पूर्व समूह चयन में विभिन्न नियमों की अवहेलना का आरोप लगाया था। जिसमें प्रमुख रूप से दुर्गा महिला स्व सहायता समूह द्वारा गलत अंक प्राप्त करने के उद्देश्य से बाह्य स्त्रोतों से यह एक ही तिथि में 20 लाख रुपए की राशि खाते में जमा कराए जाने का बिंदु शामिल है। कमिश्नर न्यायालय ने इस बिंदु के दावा को परीक्षण उपरांत स्वीकार किया है।

👉जानें कमिश्नर कोर्ट ने अवलोकन में क्या पाया

वित्तीय क्षमता (10.3) में उत्तरवादी जय दुर्गा महिला स्व सहायता समूह को परियोजना के उत्पादन क्षमता के एक माह हेतु राशि होने पर 4 अंक दिये जाने का प्रश्न है। इस संबंध में संलग्न दस्तावेज एवं आवेदन के साथ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बैंक स्टेटमेंट का अवलोकन किया गया। अवलोकन से यह भी पाया गया कि दिनांक 19/04/2025 को तीन संव्यवहारों में क्रमशः राशि 7,50,000/-, 7,50,000/-, एवं 5,00,000/- रूपये इस प्रकार कुल राशि 20,00,000/- जमा की गई है। जमा पैसा का स्त्रोत क्या है यह स्पष्ट नहीं है। यहां यह महत्वपूर्ण है दिनांक 04/04/2025 को महिला स्व सहायता समूहों से रेडी टू ईंट एवं फोर्टिफाईड आटा का निर्माण व आपूर्ति करने हेतु प्रस्ताव आमंत्रित किये जाने हेतु विज्ञापन जारी किया गया था। उत्तरवादी क्रमांक 01 के द्वारा 19 अप्रैल, 2025 को राशि 20,00,000/- रूपये जमा करना दर्शित किया गया है जो स्पष्ट है कि चयन के लिए निर्धारित अंक प्राप्त करने के प्रयोजन के लिए राशि जमा किया गया है। उत्तरवादी कमांक 01 जय दुर्गा महिला स्व सहायता समूह मुढ़ाली के द्वारा दिनांक 17 अप्रैल, 2025 को जानकारी के संबंध में शपथ पत्र निष्पादित कराया गया है और 19 अप्रैल, 2025 को यह राशि जमा की गई है। खाता में इतनी राशि एक साथ जमा होना संदेस्हापद है। इसके आधार पर परियोजना के उत्पादन के एक माह हेतु राशि होने का हवाला देते हुए 4 अंक दिये है वह संदेहास्पद है। उत्तरवादी जय दुर्गा महिला स्व सहायता समूह द्वारा गलत अंक प्राप्त करने के उद्देश्य से बाह्य स्त्रोतों से यह राशि जमा कराई गई प्रतीत होता है। ऐसी स्थिति में उन्हें 4 अंक नहीं दिया जाना चाहिए था। अपीलार्थी का यह दावा सही प्रतीत होता है अतः यह दावा स्वीकार किया जाता है।

👉नई अंक तालिका

समूह का नाम/चयन में दर्शित कुल प्राप्तांक अंक/समीक्षा उपरांत अंकों में कमी या वृद्धि /वास्तविक प्राप्त कुल अंक

👉संतोषी स्व सहायता समूह मलगांव

81-0- 81 अंक

👉जय दुर्गा महिला स्व सहायता समूह मुढाली

83 – 4 अंक कमी (10.3)-
79

👉 दिया पृथक से नियुक्ति आदेश जारी करने का आदेश

उपरोक्त आधार से स्पष्ट हो जाता है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा (महिला बाल विकास विभाग) जिला कोरबा द्वारा क्रमांक/650/म.बा.वि. /पो.आ./2025-25 कोरबा में पारित आदेश दिनांक 28.05.2025 के क्रमांक 03 में चयन स्थिर रखे जाने योग्य नहीं है।अपीलार्थी संतोषी स्व सहायता समुह मलगांव अध्यक्ष रीता बाई, ग्राम मलगांव का दावा स्वीकार करते हुए नयी अंक तालिका के आधार पर अधिक अंक प्राप्त करने वाले संतोषी स्व सहायता समुह मलगांव अध्यक्ष रीता बाई, ग्राम मलगांव को रेडी टू ईट एवं फोर्टीफाईड आटा का परियोजना स्तर पर स्थापित यूनिट के माध्यम से निर्माण एवं आपूर्ति हेतु कार्य करने के लिए उपयुक्त पाया जाता है। संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि इस संबंध में पृथक से नियुक्ति आदेश जारी करना सुनिश्चित करें।

👉सुलगते अनुत्तरित सवाल,कब मिलेगा जवाब ?

इस पूरे प्रकरण में दोष चयनित अपात्र समूह पर मढ़ा गया है,पर क्या सम्बंधित समूह वित्तीय नियमों प्रक्रियाओं की इतनी बारीकी जानकारी थी ? समूह के सदस्यों के पृथक पृथक बयान लिए जाने से वास्तविकता स्वतः सामने आ जाएगी। इससे पूर्व चोटिया परियोजना में अपात्र समूह का चयन निरस्त किया जा चुका है,जिसकी प्रशासनिक वजह रेडी टू ईट संचालन कार्य में रुचि नहीं लिया जाना दर्शा दिया गया । विश्वस्त सूत्रों की मानें डीपीओ कार्यालय से इसकी अनियमितता की बड़ी चालाकी से स्क्रिप्ट रची गई । ऐसा खेल खेला गया कि भविष्य में नियमों की अनदेखी की गड़बड़ी उजागर होने की स्थिति में भी कार्रवाई की आंच उन तक न आए। सारा दोषारोपण भोले भाले समूह की महिलाओं पर ही लगे। इस पूरे मामले की केंद्रीय जांच एजेंसियों से जांच की दरकार है । सूक्ष्मता से जांच किए जाने पर पर्दे के पीछे इन सब अनियमितताओं के सूत्रधार व संरक्षक बेनकाब हो जाएंगे। और शासन की यह महती योजना का संचालन निर्विवाद रूप से सुरक्षित सही हाथों में होगा।

वर्जन

कमिश्नर कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे

कमिश्नर कोर्ट से कटघोरा परियोजना के समूह चयन के संदर्भ में जो आदेश दिए गए हैं उसका अक्षरशः पालन सुनिश्चित करेंगे।

बसंत.मिंज ,डीपीओ ,मबा

विनोद जायसवाल
विनोद जायसवाल
जन जन की आवाज़

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