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कोरबा: रानीअटारी कोल माइंस में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की बैठक,विस्थापितों के रोजगार और मूलभूत सुविधाओं पर चर्चा,,

कोरबा: रानीअटारी कोल माइंस में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की बैठक,विस्थापितों के रोजगार और मूलभूत सुविधाओं पर चर्चा,,

कोरबा, 26 अगस्त 2025: साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के रानीअटारी कोल माइंस के गेस्ट हाउस में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (जीजीपी) कोरबा इकाई द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिला पंचायत सदस्य और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष श्री विद्वान सिंह मरकाम के नेतृत्व में पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य कोरबी क्षेत्र के भू-विस्थापितों को रोजगार प्रदान करने, प्रभावित ग्राम पंचायतों में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) मद के तहत मूलभूत सुविधाओं के विकास और प्रबंधन की कथित मनमानी के खिलाफ आवाज उठाना था।

,,एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी,,

विद्वान सिंह मरकाम ने बैठक के दौरान एसईसीएल रानी अटारी प्रबंधन के गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने प्रबंधन को सात बिंदुओं पर आधारित एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें प्रमुख रूप से कोरबी के भू-विस्थापितों को तत्काल रोजगार देने की मांग शामिल थी। मरकाम ने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया और शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी विशाल आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की होगी।

   

  ,,बैठक में प्रमुख मुद्दे,,

बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें शामिल हैं:
भू-विस्थापितों के लिए रोजगार: कोरबी क्षेत्र के उन भू-स्वामियों को तत्काल नौकरी प्रदान करने की मांग, जिनकी जमीनें कोल माइंस के लिए अधिग्रहित की गई हैं। यह मांग लंबे समय से लंबित है और स्थानीय लोगों में असंतोष का प्रमुख कारण बनी हुई है।
सीएसआर के तहत मूलभूत सुविधाएं: प्रभावित ग्राम पंचायतों में सीएसआर फंड के माध्यम से बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित कार्यों को स्वीकृत करने की मांग।

       ,,प्रबंधन की जवाबदेही:,,

एसईसीएल प्रबंधन द्वारा स्थानीय समुदाय के प्रति उदासीनता और मनमाने निर्णयों पर रोक लगाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
बैठक में कोल माइंस के अधिकारियों ने इन मुद्दों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। हालांकि, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने स्पष्ट किया कि वे इस आश्वासन की प्रगति पर कड़ी नजर रखेंगे और यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
बैठक में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता शामिल थे, जिनमें शामिल हैं:
 विद्वान सिंह मरकाम (जिलाध्यक्ष, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, कोरबा)
 चंद्रप्रताप पोर्ते (जिला महासचिव, जीजीपी कोरबा)ललित कुमार उईके (जिला महामंत्री, जीजीपी कोरबा) जगत पाल केराम (जीजीपी पसान) तापस कुमार मार्को संतोष मरावी (जनपद सदस्य, पुटी पखना)अंगद आयम (जनपद सदस्य, पोड़ीकला)ललित मार्को (सरपंच प्रतिनिधि, सेन्हा)
इसके अलावा, कोल माइंस के अधिकारीगण और दर्जनों गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।

,,एसईसीएल की सीएसआर पहल और स्थानीय असंतोष,,

हालांकि, एसईसीएल अपनी सीएसआर पहल “एसईसीएल की धड़कन” के तहत स्वास्थ्य और अन्य सामाजिक कार्यों में योगदान दे रही है, लेकिन स्थानीय समुदाय का मानना है कि ये प्रयास उनकी मूल समस्याओं को हल करने में अपर्याप्त हैं। विशेष रूप से कोरबा और आसपास के क्षेत्रों में भू-विस्थापितों को रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की कमी एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने इस बात पर जोर दिया कि सीएसआर फंड का उपयोग प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने में किया जाना चाहिए।

     ,,आंदोलन की चेतावनी,,

विद्वान सिंह मरकाम ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा, “हमारा धैर्य अब जवाब दे रहा है। प्रबंधन को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। कोरबी के लोग अपनी जमीन और अधिकारों के लिए और इंतजार नहीं करेंगे।” इस चेतावनी ने स्थानीय समुदाय में एक नई जागरूकता पैदा की है और आने वाले दिनों में तनाव बढ़ने की आशंका है।

           ,,आगे की राह,,

यह बैठक कोरबा के आदिवासी समुदाय और कोल माइंस प्रबंधन के बीच चल रहे तनाव का एक और उदाहरण है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। अब यह देखना बाकी है कि एसईसीएल प्रबंधन इस आश्वासन को कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से लागू करता है। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो कोरबा में एक बड़े आंदोलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इस घटनाक्रम ने स्थानीय समुदाय में एक नई ऊर्जा का संचार किया है और यह क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक न्याय के लिए चल रहे संघर्ष का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।

विनोद जायसवाल
विनोद जायसवाल
जन जन की आवाज़

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