कोरबा में मौसमी बीमारियों पर नियंत्रण के लिए कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को दिए सख्त निर्देश,,
कोरबा, 21 अगस्त 2025: कोरबा जिले में मौसमी बीमारियों जैसे बुखार, उल्टी-दस्त, और मलेरिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए कलेक्टर अजीत वसंत ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्कता बरतने और त्वरित कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल उपचार और आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य शिविर लगाने के आदेश दिए हैं। साथ ही, उन्होंने किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई,
कलेक्टर के निर्देशों के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. एस.एन. केशरी ने जिले के सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए तत्पर रहने का आदेश दिया है। इसके तहत सभी स्वास्थ्य केंद्रों, मितानिनों, और डिपोहोल्डर्स के पास जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। दवाओं की नियमित आपूर्ति और प्रतिपूर्ति की व्यवस्था भी की गई है।
जिला और विकासखंड स्तर पर काम्बेट टीमें गठित की गई हैं, जो प्रभावित क्षेत्रों में सतत निगरानी और तत्काल चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए तैनात हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि बुखार, मलेरिया, या उल्टी-दस्त की शिकायत मिलते ही मितानिन, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, और खंड चिकित्सा अधिकारी तुरंत कार्रवाई करें।
जनता के लिए रोकथाम के उपाय
डॉ. एस.एन. केशरी ने मौसमी बीमारियों जैसे डायरिया और मलेरिया से बचाव के लिए जनता को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इनमें शामिल हैं:
स्वच्छता का ध्यान: भोजन से पहले और शौच के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना, घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखना।
खान-पान में सावधानी: खाने-पीने की वस्तुओं को ढककर रखना, बासी भोजन और सड़े-गले फल न खाना, फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोना।
पानी की शुद्धता: पीने के लिए हैंडपंप का पानी, उबाला और छना हुआ पानी, या क्लोरीन गोली युक्त पानी का उपयोग करना। कुओं में ब्लीचिंग पाउडर डालना और जल स्रोतों के पास गंदगी जमा न होने देना।
मल विसर्जन: मल विसर्जन पीने के पानी के स्रोत से कम से कम 25 मीटर दूर करना।
उपचार में तत्परता: बुखार या दस्त होने पर तुरंत मितानिन, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से निःशुल्क उपचार लेना। दस्त में ओ.आर.एस. घोल, नारियल पानी, नमकीन लस्सी, नींबू पानी, चावल का मांड, या दाल का पानी पीते रहना।
मच्छरों से बचाव: मच्छरदानी का उपयोग, नीम तेल या मच्छरनाशक क्रीम लगाना, और घर के आसपास पानी जमा न होने देना।
मृत्यु के बाद सावधानी: उल्टी-दस्त से मृत्यु होने पर घर में ब्लीचिंग पाउडर से शुद्धिकरण करना और अन्य सदस्यों को दवाएँ देना।
सार्वजनिक आयोजनों में सतर्कता: सामूहिक आयोजनों में ताजा भोजन सुनिश्चित करना।
,,स्वास्थ्य शिविर और निगरानी,,
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में शिविर लगाकर उपचार शुरू किया गया है। काम्बेट टीमें लगातार क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं और किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और मितानिनों को ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय रहने और बीमारियों की जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों तक पहुँचाने के निर्देश दिए गए हैं।
,,जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील,,
कलेक्टर अजीत वसंत और सीएमएचओ डॉ. केशरी ने जिले की जनता और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे मौसमी बीमारियों के नियंत्रण में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि उपरोक्त सावधानियों का पालन कर और समय पर जानकारी देकर जिले को महामारी से मुक्त किया जा सकता है। साथ ही, असामयिक मृत्यु को रोकने में सभी की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

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