कटघोरा के ढपढप में हनुमंत कथा का शंखनाद: 21,000 कलशों की ऐतिहासिक यात्रा से होगा भव्य आगाज़,
दानदाताओं ने खोला खजाना,,

कटघोरा (कोरबा): ऊर्जा नगरी कोरबा के पावन धरा पर बागेश्वर धाम सरकार, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आगमन को लेकर उत्साह चरम पर है। कटघोरा से 9 किलोमीटर दूर ग्राम ढपढप में 28 मार्च से 1 अप्रैल तक आयोजित होने वाली ‘हनुमंत कथा’ की तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। इस भव्य आयोजन की शुरुआत कल, 27 मार्च (नवरात्रि नवमी) को एक विशाल और ऐतिहासिक कलश यात्रा के साथ होगी।

व्यवस्थाओं को लेकर अग्रसेन भवन में हुई अहम बैठक
आयोजन को सफल बनाने के लिए कटघोरा के अग्रसेन भवन में नगरवासियों की एक विशेष बैठक संपन्न हुई। बैठक में व्यवस्थाओं पर पैनी नजर रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई। सामाजिक कार्यकर्ता राणा मुखर्जी ने जिले वासियों से अपील करते हुए कहा कि पूज्य महाराज श्री का आगमन जिले के लिए सौभाग्य की बात है, अतः सभी तन-मन-धन से सहयोग करें।
दानदाताओं का उमड़ा सैलाब

बैठक के दौरान नगर के प्रमुख व्यवसायियों और संस्थाओं ने खुले दिल से दान की घोषणा की:
-
विश्वकर्मा इंडस्ट्रीज: ₹5,00,000 का सहयोग।
-
पवन अग्रवाल (अध्यक्ष, अग्रसेन भवन – ज्योति एजेंसी): ₹5,00,000 का सहयोग।
-
इसके साथ ही सैकड़ों ग्रामीणों और अन्य दानदाताओं ने अपनी सामर्थ्य अनुसार सहयोग राशि प्रदान करने का संकल्प लिया।
21,000 कलशों की ऐतिहासिक शोभायात्रा
कल प्रातः 11 बजे ढेलवाडीह स्थित मरकी माता मंदिर प्रांगण से विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी।
-
अनुमानित भीड़: इस यात्रा में लगभग 50,000 श्रद्धालुओं के जुटने का अनुमान है।
-
मार्ग: यात्रा ढेलवाडीह से शुरू होकर अरदा चौक होते हुए ग्राम ढपढप स्थित कथा स्थल पर समाप्त होगी।
44 एकड़ में सजा बाबा का दिव्य दरबार
प्रशासनिक अमला और आयोजन समिति मुस्तैदी से कार्य कर रही है।
-
विशाल डोम: 44 एकड़ में फैला भव्य पंडाल पूरी तरह तैयार है।
-
सुविधाएं: गर्मी को देखते हुए कूलर, शुद्ध पेयजल और बिजली की पुख्ता व्यवस्था की गई है।
-
पार्किंग: यातायात सुचारू रखने के लिए कथा स्थल से 500 मीटर पहले विशाल पार्किंग जोन बनाया गया है।
7 लाख भक्तों के पहुँचने की संभावना
’अपना घर सेवाश्रम’ के राणा मुखर्जी के अनुसार, इस पांच दिवसीय आयोजन में कुल 5 से 7 लाख भक्तों के आने की उम्मीद है।
-
विशाल भंडारा: प्रतिदिन 1 से 1.5 लाख लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है।
-
अतिरिक्त आकर्षण: कथा स्थल के समीप ही एक भव्य मेले का भी आयोजन किया गया है।

जन जन की आवाज़










