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शोक में डूबा कटघोरा: जघन्य हत्याकांड के विरोध में ‘राष्ट्रीय कवि सम्मेलन’ स्थगित ,,

शोक में डूबा कटघोरा: जघन्य हत्याकांड के विरोध में ‘राष्ट्रीय कवि सम्मेलन’ स्थगित ,,

कटघोरा (कोरबा): नए वर्ष के स्वागत की तैयारियों में जुटे कटघोरा नगर में वर्तमान परिस्थितियां अत्यंत गमगीन हैं। शहर के उभरते युवा स्वर्गीय अक्षय गर्ग की निर्मम हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य हत्याकांड के प्रति गहरा रोष और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए आयोजन समिति ने 31 दिसंबर को होने वाले राष्ट्रीय कवि सम्मेलन को स्थगित करने का निर्णय लिया है।

उत्सव नहीं, अब दी जाएगी श्रद्धांजलि

​जहाँ एक ओर पूरा देश नए वर्ष के जश्न की तैयारी कर रहा है, वहीं कटघोरा ने इस बार मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखा है। आयोजन मंडल ने सार्वजनिक रूप से दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जब नगर का एक बेटा इतनी क्रूरता का शिकार हुआ हो, तब हंसी-ठिठोली और काव्य पाठ का आयोजन उचित नहीं है। इस वर्ष नव वर्ष का आगमन उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि दिवंगत आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

देशभर के ख्यातिलब्ध कवियों का था जमावड़ा ,,

​इस गरिमामय काव्य संध्या के लिए देश के कोने-कोने से सुप्रसिद्ध कवियों को आमंत्रित किया गया था, जिनमें शामिल थे:

  • शंभू शिखर (बिहार)
  • गौरव चौहान (इटावा)
  • पद्मिनी शर्मा (दिल्ली)
  • हेमंत पांडे (कानपुर)
  • हीरामणि वैष्णव (बालको, छत्तीसगढ़)

​इन कवियों की कविताओं से नगर गूंजने वाला था, लेकिन अपराधियों के क्रूर कृत्य ने उत्सव की खुशियों को मातम और लहू के दागों में बदल दिया।

नगरवासियों में आक्रोश और शोक

​कार्यक्रम के स्थगन की आधिकारिक जानकारी लक्ष्मी गर्ग द्वारा दी गई है। उन्होंने भारी मन से बताया कि हत्यारों ने नए वर्ष के पावन अवसर को शोक में तब्दील कर दिया है। वर्तमान में पूरे नगर में सन्नाटा और शोकाकुल माहौल है। लोग मांग कर रहे हैं कि अक्षय गर्ग के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि न्याय की स्थापना हो सके।

“मृत आत्मा की शांति और परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना की गई है। नगरवासियों का मानना है कि सामूहिक शोक और एकजुटता ही इस समय पीड़ित परिवार के प्रति सच्ची संवेदना होगी।”

 


विनोद जायसवाल
विनोद जायसवाल
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