वैचारिक क्रांति के संवाहक कवि ऋषिपाल भदाना ‘हरिभूमि’ द्वारा सम्मानित: 32 वर्षों की सेवाओं का मिला सम्मान,,
सोनीपत, हरियाणा:,,साहित्य, समाज सेवा और राष्ट्रभक्ति के संगम स्वरूप, ‘राष्ट्र भ्रातृ यज्ञ समारोह’ के संयोजक एवं वैचारिक क्रांति के राष्ट्रीय कवि ऋषिपाल भदाना को उनकी 32 वर्षों की उत्कृष्ट सामाजिक एवं राष्ट्रीय सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र ‘हरिभूमि’ द्वारा सम्मानित किया गया है।
भव्य आयोजन: 9वां हरिभूमि कवि सम्मेलन
सोनीपत के जी.वी.एम. कॉलेज में आयोजित ‘9वें हरिभूमि राष्ट्रीय कवि सम्मेलन’ के दौरान यह सम्मान समारोह संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला सोनीपत और हरियाणा की राजनीति व साहित्य जगत की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की।
विशिष्ट अतिथियों द्वारा सम्मान
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि एवं राई क्षेत्र की विधायिका श्रीमती कृष्णा गहलावत ने ऋषिपाल भदाना को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस गरिमामयी क्षण के दौरान ‘हरिभूमि’ टीम के वरिष्ठ पत्रकार श्री विनोद राठी ने ऋषिपाल भदाना और उनके साथ आए सहयोगियों—अतर सिंह, सुरेश, सतीश, मंजीत, जगदीश शास्त्री, दिनेश पलवल और आनंद आर्य का बुके भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया।
मंच पर कवियों की महफिल
कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. सुभाष सांसोदिया ने किया, जबकि काव्य मंच का संचालन कवि डॉ. रसिक गुप्ता द्वारा किया गया। सम्मेलन में देश के ख्यातिप्राप्त कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया:
* चेतन चर्चित, महेश दुबे, मोनिका देहलवी और सर्वेश अस्थाना जैसे दिग्गज हास्य कवियों ने अपनी कविताओं और व्यंग्य से उपस्थित जनसमूह को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
उपस्थित गणमान्य अतिथि
इस अवसर पर सोनीपत की राजनीति और समाज के प्रबुद्ध वर्ग की उपस्थिति रही, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
* सांसद: सतपाल ब्रह्मचारी (सोनीपत)
* राजनेता: मोहनलाल बडोली (भाजपा हरियाणा अध्यक्ष), निखिल मदान (विधायक सोनीपत), सुरेंद्र पवार (पूर्व विधायक), राजीव जैन (पूर्व मेयर)।
* प्रशासनिक एवं अन्य: कुलबीर छिकारा (राज्य सूचना आयुक्त), दीपक वर्मा (चीफ ब्यूरो, हरिभूमि), कमल दीवान, तरुण देवदास, और साहित्यकार कमलेश मलिक।
* शिक्षा एवं व्यापार जगत: दया दहिया (प्राचार्य, प्रताप स्कूल), संजय सिंगला (अध्यक्ष, जिला व्यापार मंडल), ओ.पी. परूथी (प्रधान, जी.वी.एम. कॉलेज), और जय भारत गुप्ता (प्रधानाचार्य, बाल भवन स्कूल)।
विशेष नोट: ऋषिपाल भदाना जी का 32 वर्षों का सफर नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है कि कैसे वैचारिक क्रांति के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

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