कटघोरा में गणेश उत्सव की भव्य धूम: ‘कटघोरा के राजा’ के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब,,
कोरबा कटघोरा, 21 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा में गणेश उत्सव की भव्य शुरुआत ने पूरे क्षेत्र को भक्ति और उत्साह के रंग में रंग दिया। 20 अगस्त को ‘कटघोरा के राजा’ के आगमन के लिए आयोजित भव्य शोभायात्रा ने नगर को उत्सवमय बना दिया। इस ऐतिहासिक स्वागत यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, और चारों ओर ‘जय देव जय देव’ के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।
शोभायात्रा की भव्य शुरुआत
‘कटघोरा के राजा’ की शोभायात्रा कासनिया से शुरू हुई और मुख्य मार्गों से होते हुए नगर में प्रवेश किया। इस शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण 21 फीट ऊँची भगवान गणेश की विशाल प्रतिमा रही, जिसे देखने के लिए कोरबा सहित आसपास के जिलों से भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। इस प्रतिमा का निर्माण छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के थाना क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध राधे आर्ट गैलरी द्वारा किया गया, जिसने अपनी कारीगरी से सभी का मन मोह लिया।
शोभायात्रा में रंग-बिरंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम, आतिशबाजी, और भक्ति से भरे प्रदर्शन ने उत्सव का रंग और बढ़ा दिया। हनुमान जी की झांकी, शंखनाथ गोंदिया से आए भवानी ढोल पाठक, और दुर्गा के गौरी कृपा के कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा, मुंबई से आईं पुष्पा की प्रस्तुति ने जनसैलाब को उत्साह से भर दिया। कटघोरा के शहीद वीरनारायण चौक पर आयोजकों ने भव्य स्वागत मंच सजाया, जहां रंगोली, स्केटिंग, और अन्य आकर्षक कार्यक्रमों ने सभी का ध्यान खींचा।
आतिशबाजी और सांस्कृतिक प्रदर्शन ने जगमगाया नगर
शोभायात्रा के दौरान आतिशबाजी ने कटघोरा के आकाश को रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा दिया। सांस्कृतिक झांकियों और पारंपरिक प्रदर्शनों ने उत्सव को और भी भव्य बना दिया। स्थानीय लोगों के साथ-साथ कोरबा, बिलासपुर, और आसपास के जिलों से आए श्रद्धालुओं ने इस भव्य आयोजन में हिस्सा लिया और भक्ति के इस उत्सव में डूब गए।
जयदेवा गणेश उत्सव समिति की अनूठी पहल
जयदेवा गणेश उत्सव समिति’ ने इस आयोजन की भव्यता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। समिति ने पिछले वर्षों में अपनी अनूठी प्रस्तुतियों से पूरे छत्तीसगढ़ में ख्याति प्राप्त की है। पिछले साल अयोध्या के श्रीराम मंदिर की भव्य झांकी और उससे पहले वृंदावन के प्रेम मंदिर के स्वरूप ने लोगों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी थी। इन पंडालों ने श्रद्धालुओं को अयोध्या और वृंदावन की अनुभूति कराई थी।
इस वर्ष समिति ने केरल के तिरुअनन्तपुरम स्थित भगवान विष्णु के प्रसिद्ध पद्मनाभस्वामी मंदिर का आकर्षक स्वरूप पंडाल में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है। 111 फीट ऊँचा यह पंडाल न केवल कटघोरा के निवासियों बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आकर्षण का केंद्र बनेगा। इस पंडाल का निर्माण कलकत्ता से आए निपुण कारीगरों द्वारा युद्धस्तर पर किया जा रहा है, ताकि गणेशोत्सव के प्रारंभ तक इसे पूरी भव्यता के साथ तैयार किया जा सके।
कटघोरा: धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जयदेवा गणेशोत्सव समिति के इन प्रयासों ने कटघोरा को छत्तीसगढ़ में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बना दिया है। हर वर्ष समिति द्वारा नए और आकर्षक पंडालों का निर्माण किया जाता है, जो श्रद्धालुओं की संख्या को दोगुना करने में सफल रहा है। इस वर्ष भी समिति कुछ ऐसा विशेष तैयार करने में जुटी है, जो भक्तों को नई भक्ति अनुभूति और भव्यता का एहसास कराएगा।
स्थानीय लोगों में उत्साह
कटघोरा के राजा’ के आगमन पर स्थानीय लोग अत्यंत उत्साहित नजर आए। इस भव्य प्रतिमा और शोभायात्रा ने नगर में उत्सव का माहौल बना दिया। लोगों ने एकजुट होकर इस त्योहार को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया। समिति के प्रयासों और इस भव्य आयोजन ने कटघोरा को न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में एक विशेष स्थान दिलाया है।

जन जन की आवाज़











